प्रशासनिक इकाइयाँ

 

विभाग से सम्बन्धित योजनाओं का क्रियान्वयन, संचालन एवं समन्वय विभाग के निम्नलिखित अंगो द्वारा किया जाता है:-

  1. सर्वे कमिश्नर, वक्फ।

  2. निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण।

  3. उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम लि0

  4. उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम लि0

  5. उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति।

  6. उत्तर प्रदेश सुन्नी सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ।

  7. उत्तर प्रदेश शिया सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ।

  8. उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग।

  9. निरीक्षक/रजिस्ट्रार, अरबी फारसी मदरसाज, उ0प्र0, लखनऊ।

  10. वसीका कार्यालय, लखनऊ।

           सर्वे कमिश्नर, वक्फ़

उत्तर प्रदेश वक्फ अधिनियम-1960 के अर्न्तगत सर्वे कमिश्नर, वक्फ़ के संगठन की स्थापना वर्ष 1976 में की गई। इस संगठन का प्रमुख कार्य नये अपंजीकृत तथा छिपे हुये औक़ाफ़ का पता लगाकर उनको पंजीकृत कराना था। वर्ष 1977 से 1988 तक औक़ाफ़ के सर्वेक्षण का कार्य किया गया।

इस अवधि में 122839 सुन्नी तथा 8000 शिया अवकाफ अर्थात 130839 खोजकर उनका पंजीकरण वक्फ बोडों में कराया गया तथा गजट में अधिसूचना प्रकशित कराई गई। वर्तमान में इस संगठन का मुख्य कार्य सर्वे की अवधि में छूटे हुये अवकाफ को खोजकर उनके पंजीकरण की कार्यवाही कराना, पंजीकृत अवकाफ से अनाधिकृत  कब्जा हटवाना, सरकारी अभिलेखों में वक्फ़ सम्पत्तियों को दर्ज कराना आदि है। प्रदेश में केन्द्रीय वक्फ़ एक्ट 1995, जनवरी 1996 से लागू किया गया है, जिसके अनुसार कार्य किया जा रहा है।

सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ़, उ०प्र० शासन को पदेन सर्वे कमिश्नर वक्फ़ निदेशत, अल्पसंख्यक कल्याण उत्तर प्रदेश को पदेन अपर सर्वे कमिश्नर वक्फ़, उ०प्र० के समस्त जिलाधिकारियों को अपर सर्वे कमिश्नर, वक्फ, प्रदेश के समस्त परगनाधिकारियों को सहायक सर्वे कमिश्नर, वक्फ़ तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को सहायक सर्वे कमिश्नर, वक्‍फ़ घोषित किया गया है।

प्रदेश में 36 जयेष्ठ वक्फ़ निरीक्षक, 28 निरीक्षक, 36 वरिष्ठ लिपिक तथा 35 टंकक के पद जिला कार्यालयों हेतु सृजित हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यालय पर 20 पद सृजित हैं। उक्त के अतिरक्त वैकलाग को पूर्ण करने हेतु भी जिला कार्यालयों एवं मुख्यालय पर कई नियुक्तियां की गयी हैं। प्रदेश में वक्फ़ सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं उसके विकास के लिये यह एक महत्वपूर्ण संगठन है।

वक्फ़ सम्पत्तियों के बेहतर प्रबन्धन/प्रशासन एवं उससे सम्बन्धित मामलों के सुचारू ढंग से निस्तारण कराने के प्रयोजनार्थ प्रख्यापित वक्फ़ अधिनयम 1995 दिनांक 1.10.1996 के अर्न्तगत वक्फ़ सम्पत्तियों का सवेक्षण एवं सम्परीक्षा का सघर अभियान दिनांक 07.01.2003 से चलाया गया। उक्त सर्वेक्षण के साथ वक्फ़ सम्पत्तियों की सम्परीक्षा तथा वक्फ़ सम्पत्तियों पर अनाधिकृत कब्जे तथा इनके अनाधिकृत विक्रय के सम्बन्ध में भी प्रभावी कार्यवाही किये जाने एवं लोक कल्याणार्थ वक्फ़ सम्पत्तियों का उनकी स्थिति के अनुरूप व्यावसायिक तथा अन्य उपयुक्त उपयोग कराये जाने का कार्य सुनिश्चित कराया जायेगा।

उपरोक्‍त कार्य के सम्पादन हेतु शासन तथा जिला स्तर पर टास्क-फोर्स का गठन किया गया है। शासन स्तरीय टास्क फोर्स का गठन सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ की अध्यक्षता में किया गया है। यह टास्क फोर्स समय-समय पर बैठक का तद्विषयक आवश्यक कार्यवाही कराती है।
www.surveywaqfup.org

          जिला स्तरीय टास्क-फोर्स का मुख्य कार्य निम्नवत् रखा गया:-

  1. जिला प्रशासन के जिला/तहसील स्तरीय अधिकारियों द्वारा भी उक्त सर्वेक्षण पर सम्परीक्षा कार्य का समय-समय पर भौतिक सत्यापन कराया जाना तथा अपने स्तर पर अनुश्रवण सुनिश्चित कराया जाना।

  2. अवकाफ के अवैध कब्जे को हटवाने सम्बन्धी कार्य में सहायता करना एवं उसकी निगरानी करना।

  3. अवकाफ के अवैध विक्रय के मामले में अवैध हस्तान्तरण के आधार पर हुये अवैध कब्जे को हटावाने में सहायता करना एवं वक्फ के अवैध विक्रय के मामले में अवैध हस्तान्तरण के आधार पर हुये अवैध कब्जे को हटाने में सहायता करना।

  4. वक्फ के अवैध विक्रय के मामले में अवैध विक्रय करने वालों से आर0सी0 की भांति वसूली सुनिश्चत करना।

  5. अवैध कब्जा/अवैध विक्रय के मामलों में दर्ज एफ0आई0आर0 में गिरतारी तथा चार्ज-शीट के कार्य का अनुश्रवण करना।

  6. उपरोक्त बिन्दुओं पर की गयी कार्यवाही से प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में जिला मजिस्ट्रेटों/ अपर सर्वे कमिश्नर वक्फ के हस्ताक्षर से सर्वे कमिश्नर को रिपोर्ट भेजा जाना।

उपर्युक्त व्यवस्था से वक्फ सम्पत्तियों के सर्वेक्षण एवं सम्परीक्षा के सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही किये जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

          अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय

निदेशालय तथा इसके अधीनस्थ क्षेत्रीय (फील्ड) कार्यालयों का गठन वर्ष 1995-96 में किया गया है। निदेशालय स्तर पर निदेशक का एक पद, संयुक्त निदेशक का एक पद, उप निदेशक के दो तथा वित्त एवं लेखाधिकारी का एक पद सृजित है। प्रदेश के सात मण्डलों में मण्डलीय अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों तथा 59 जनपदों में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों के पद सृजित हैं। मण्डलीय अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों के पद अभी क्रियाशील नहीं हो सके हैं।

निदेशालय द्वारा अधीनस्थ कार्यालयों के प्रशासनिक नियंत्रण के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिये छात्रवृत्ति योजना तथा अरबी, फारसी मदरसों से सम्बन्धि विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन एवं संचालन किया जाता है।

कापीराइट 2007 | अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ़ विभाग , उत्‍तर प्रदेश सरकार, भारत | 1024x768 पर सर्वोत्तम दृष्‍टि